हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 8 मुहर्रमुल हराम 1448 हिजरी के अवसर पर इमाम ख़ुमैनी मेमोरियल ट्रस्ट की सहयोगी संस्था अल-हिलाल कमेटी पश्कुम के तत्वावधान में हज़रत अबुल फ़ज़्लिल-अब्बास (अ), कर्बला के ध्वजधारक की याद में एक मातमी जुलूस निकाला गया। इस अवसर पर हज़रत अब्बास (अ) तथा कर्बला के अन्य शहीदों की महान कुर्बानियों को ख़ेराज ए अक़ीदत पेश की गई।
जुलूस का आरंभ ख़ार (अपोचोये आस्ताना) से हुआ और जामा मस्जिद लरसी पश्कुम तक जारी रहा। जुलूस में पुरुषों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या ने भाग लिया। अज़ादारों ने काले वस्त्र धारण किए हुए थे और पूरे मार्ग में नौहा-ख़्वानी तथा मर्सिया-ख़्वानी के माध्यम से मैदान-ए-कर्बला के जाँनिसारों की कुर्बानियों को याद किया।
जुलूस में शामिल लोगों ने कर्बला के सार्वभौमिक संदेश को उजागर करते हुए अत्याचार, दमन और अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद की। इस दौरान विश्वभर के पीड़ित और उत्पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता का भी प्रदर्शन किया गया तथा मानवता और इस्लाम के विरुद्ध मानी जाने वाली दमनकारी नीतियों की निंदा की गई।
जुलूस जामा मस्जिद लरसी पश्कुम पहुँचकर संपन्न हुआ, जहाँ मुस्लिम उम्मत की एकता, शांति एवं स्थिरता तथा समस्त मानवता के कल्याण और समृद्धि के लिए विशेष दुआ की गईं।
आयोजकों ने जुलूस के सफल आयोजन पर स्थानीय जनता के सहयोग और उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि मोहर्रमुल हराम की ये मजलिसें और जुलूस, शहीदान-ए-कर्बला के सत्य, न्याय और अडिगता के संदेश को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
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